Q61. महावीर स्वामी ने अपना प्रथम उपदेश राजगृह में किस भाषा (बोली) में दिया था?
खरोष्ठी
संस्कृत
प्राकृत / अर्धमागधी (Prakrit)
पाली
Q62. महावीर स्वामी के प्रथम शिष्य (First Disciple) कौन बने, जो उनके दामाद भी थे?
आनंद
विपुल
जामेल या जामालि (Jamali)
भद्रबाहु
Q63. जैन संघ में प्रवेश करने वाली प्रथम महिला भिक्षुणी कौन थीं, जो चम्पा नरेश दधिवाहन की पुत्री थीं?
त्रिशला
चन्दना (Chandana)
यशोदा
चेलना
Q64. पार्श्वनाथ के चार व्रतों (अहिंसा, सत्य, अस्तेय, अपरिग्रह) में महावीर स्वामी ने कौन सा पांचवां महाव्रत जोड़ा था?
स्याद्वाद
अस्तेय
ब्रह्मचर्य (Brahmacharya)
अपरिग्रह
Q65. जैन धर्म के पंच महाव्रतों में 'अस्तेय' (Asteya) का क्या अर्थ निर्धारित किया गया है?
हिंसा न करना
झूठ न बोलना
धन का संचय न करना
चोरी न करना (Non-stealing)
Q66. जैन धर्म के पंच महाव्रतों में 'अपरिग्रह' (Aparigraha) का क्या अर्थ है?
इंद्रियों को वश में करना
झूठ न बोलना
धन या संपत्ति का संग्रह न करना (Non-possession)
चोरी न करना
Q67. जैन धर्म के मोक्ष प्राप्ति के 'त्रिरत्न' (Three Jewels) के अंतर्गत कौन से तीन सिद्धांत शामिल हैं?
हीनयान, महायान और वज्रयान
बुद्ध, धम्म और संघ
सत्य, अहिंसा और अस्तेय
सम्यक ज्ञान, सम्यक दर्शन और सम्यक चरित्र (Right Knowledge, Faith, Conduct)
Q68. महावीर स्वामी को 72 वर्ष की आयु में 468 ईसा पूर्व (या 527 ईसा पूर्व) में निर्वाण (मृत्यु) कहाँ प्राप्त हुआ था?
कुशीनगर
वैशाली
राजगृह
पावापुरी (Pavapuri)
Q69. जैन दर्शन के अनुसार सृष्टि की रचना और संचालन किसके द्वारा होता है?
ईश्वर की इच्छा से
कर्मों के भाग्य से
प्रकृति के स्वतः नियम से
सार्वभौमिक विधान (Universal Law) द्वारा
Q70. जैन धर्म के तीर्थंकरों के प्रतीकों में प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव का प्रतीक चिन्ह क्या है?
सिंह
सर्प
वृषभ या सांड (Bull)
हाथी
Q71. 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी का आधिकारिक प्रतीक चिन्ह (Symbol) क्या माना जाता है?
सर्प फण
बैल
हाथी
सिंह (Lion)
Q72. 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ का प्रतीक चिन्ह निम्नलिखित में से कौन सा है?
सांड
सिंह
शंख
सर्प (Snake/Serpent)
Q73. जैन धर्म ईश्वर के अस्तित्व के संबंध में किस प्रकार का दृष्टिकोण रखता है?
ईश्वर के अस्तित्व को अस्वीकार करता है (Anatman/Atheistic)
वेदों को सर्वोच्च मानता है
ईश्वर को मानता है लेकिन उसे जीन (तीर्थंकर) से नीचे रखता है
ईश्वर को सर्वोच्च मानता है
Q74. जैन धर्म के अनुसार पुनर्जन्म (Rebirth) और कर्मवाद के संबंध में क्या सत्य है?
जैन धर्म पुनर्जन्म और कर्मवाद दोनों में विश्वास करता है
आत्मा जैसी कोई चीज़ नहीं होती
कर्म का जीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता
जैन धर्म पुनर्जन्म में विश्वास नहीं करता
Q75. कठोर तपस्या के माध्यम से शरीर का त्याग करने की जैन धर्म की प्रसिद्ध पद्धति को क्या कहा जाता है?
कैवल्य
परिनिर्वाण
संथारा या सल्लेखना (Sallekhana)
श्रमण