Q76. पूर्व मध्यकाल के वे महान संत और दार्शनिक कौन थे जिन्होंने अद्वैत वेदांत (Non-dualism) का प्रतिपादन किया और भारत में चार मठ स्थापित किए?
निम्बार्काचार्य
आदि शंकराचार्य
रामानुजाचार्य
मध्वाचार्य
Q77. भक्ति आंदोलन को गहराई से प्रभावित करने वाले विशिष्टाद्वैत (Qualified Non-dualism) दर्शन के प्रतिपादक कौन थे?
आदि शंकराचार्य
रामानुजाचार्य
मध्वाचार्य
वल्लभाचार्य
Q78. पूर्व मध्यकाल में भूमि अनुदान से संबंधित प्रशासनिक शब्द अग्रहार (Agrahara) का क्या अर्थ होता था?
ब्राह्मणों या धार्मिक संस्थानों को दी जाने वाली कर-मुक्त भूमि
व्यापारिक संघों में वितरित भूमि
शाही शिकार के लिए आरक्षित वन भूमि
चावल की खेती के लिए खोजी गई दलदली भूमि
Q79. 750-1200 ईस्वी के पूर्व मध्यकालीन समाज में जाति व्यवस्था के अंतर्गत कौन सा प्रमुख सामाजिक परिवर्तन देखा गया?
केवल मूल चार वैदिक वर्णों की वापसी हुई
अनेक उपजातियों (Jatis) का उदय और कायस्थ वर्ग की प्रतिष्ठा में भारी वृद्धि
अस्पृश्यता का पूर्ण अंत हो गया
जाति व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो गई
Q80. पूर्व मध्यकाल में रचित मनुस्मृति पर सबसे प्रसिद्ध और प्रामाणिक कानूनी टीका (Commentary) किसने लिखी थी?
हेमाद्रि
विज्ञानेश्वर
जीमूतवाहन
मेधातिथि
Q81. पूर्व मध्यकालीन नगरों में बाजारों का प्रबंधन करने वाले और सुरक्षा बनाए रखने वाले व्यापारियों के स्थानीय संगठनों को क्या कहा जाता था?
सभा
उर
निगम
नगरम् (Nagarams)
Q82. सिंचाई के लिए उपयोग होने वाला घंटीयंत्र या रहट (Araghatta) पूर्व मध्यकाल में भारत के किस क्षेत्र में अत्यधिक लोकप्रिय हुआ?
बंगाल डेल्टा
सुदूर दक्षिणी प्रायद्वीप
कश्मीर घाटी
राजस्थान और गुजरात के अर्ध-शुष्क क्षेत्र
Q83. गुजरात और सोलंकी राजवंश के इतिहास पर प्रकाश डालने वाला प्रसिद्ध मध्यकालीन ग्रंथ प्रबंधचिंतामणि किसने लिखा था?
हेमचंद्र
बिल्हण
मेरुतुंग
राजशेखर
Q84. सोलंकी राजा कुमारपाल के संरक्षण में किस महान जैन विद्वान ने त्रिषष्टिशलाकापुरुषचरित्र की रचना की थी?
हरिभद्र
मेरुतुंग
जिनसेन
हेमचंद्र
Q85. पूर्व मध्यकालीन भूमि शासन और प्रशासनिक व्यवस्था में मुख्य शाही लेखक या रिकॉर्ड कीपर को क्या कहा जाता था?
राजुक
महासंधिविग्रहक
दंडपाशिक
करणिक या अक्षपटलिक
Q86. पश्चिमी चालुक्य राजा विक्रमादित्य VI के जीवन पर आधारित प्रसिद्ध संस्कृत काव्य विक्रमांकदेवचरित की रचना किस कश्मीरी कवि ने की थी?
पद्मगुप्त
जोनराज
बिल्हण
कल्हण
Q87. द्वैत वेदांत (Dualism) नामक शुद्ध दार्शनिक मत के प्रवर्तक कौन से मध्यकालीन दार्शनिक थे?
मध्वाचार्य
वल्लभाचार्य
रामानुजाचार्य
निम्बार्काचार्य
Q88. दक्षिण भारतीय अभिलेखों में प्रयुक्त प्रशासनिक शब्द देवदान (Devadana) का क्या अर्थ होता था?
शाही खजाने में जमा कर
व्यापारिक संगठनों द्वारा प्रबंधित खेत
वीर सैनिकों को दी जाने वाली जागीर
स्थानीय हिंदू मंदिरों के रख-रखाव के लिए दी जाने वाली कर-मुक्त भूमि अनुदान
Q89. पूर्व मध्यकालीन भारतीय राजनीति की वह मुख्य विशेषता क्या थी जिसे इतिहासकार विकेंद्रीकरण, उप-सामंतवाद और भूमि अनुदान (सामंत व्यवस्था) के रूप में परिभाषित करते हैं?
प्रत्यक्ष लोकतंत्र
भारतीय सामंतवाद (Indian Feudalism)
प्रशासकीय तानाशाही
सैन्य कुलीनतंत्र
Q90. परिपक्व नागर शैली को प्रदर्शित करने वाले भुवनेश्वर (ओडिशा) के सुप्रसिद्ध राजरानी मंदिर का निर्माण किस राजवंश ने करवाया था?
पाल वंश
सोमवंशी राजवंश
पूर्वी गंग राजवंश
सेन राजवंश